सीखने के लिए मैंने हर जख्म सींचे हैं, पढ़ना है दर्द मेरा तो सब लिंक नीचे हैं

मंगलवार, मई 05, 2020

बंटवारे के दिन

कविता 
उसके विचार ऊँचे थे
उसके सिद्धांत ऊँचे थे
उसकी सोच ऊँची थी
उसकी सीख ऊँची थी
उसका ज्ञान ऊँचा था
शायद इसीलिए
बंटवारे के दिन
पलड़ा उसका ऊँचा था

-बृजेन्द्र कुमार वर्मा 

4 टिप्‍पणियां:

POOJA PRAKASH ने कहा…

Sahi

Unknown ने कहा…

बहुत बढ़िया

brijendra ने कहा…

धन्यवाद

brijendra ने कहा…

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